भारत का राष्ट्रपति — चुनाव प्रक्रिया, शक्तियाँ और सभी 15 राष्ट्रपतियों की पूरी सूची
राष्ट्रपति कैसे चुना जाता है, उसकी क्या शक्तियाँ हैं, और 1950 से अब तक कौन-कौन राष्ट्रपति बने — पूरी जानकारी
🏛️ भारतीय राजव्यवस्था · Indian Polity · सामान्य ज्ञान
15
राष्ट्रपति (1950 से अब तक)
3
कार्यवाहक राष्ट्रपति
5 वर्ष
कार्यकाल (Tenure)
अनु. 52–62
संवैधानिक प्रावधान
राष्ट्रपति भवन
आधिकारिक निवास
🗳️ चुनाव प्रक्रिया
राष्ट्रपति कैसे चुना जाता है?
Election Process — Articles 54, 55 & 56 of the Constitution
📋 योग्यता (Eligibility) — अनुच्छेद 58
उम्मीदवार (Candidate) भारत का नागरिक हो, उम्र कम से कम 35 साल हो, और लोकसभा का सदस्य बनने की योग्यता रखता हो। वह केंद्र/राज्य सरकार में किसी लाभ के पद (Office of Profit) पर न हो।
🏛️ निर्वाचक मंडल (Electoral College) — अनुच्छेद 54
राष्ट्रपति को सीधे जनता नहीं चुनती। एक “निर्वाचक मंडल” (Electoral College) चुनता है जिसमें शामिल हैं: (1) लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) के निर्वाचित सदस्य (MPs) (2) सभी राज्यों की विधानसभाओं (Vidhan Sabha / State Legislative Assemblies) के निर्वाचित सदस्य (MLAs) (3) दिल्ली और पुदुचेरी (Puducherry) की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (70वाँ संशोधन, 1992 द्वारा जोड़ा)। नोट: नामांकित (Nominated) सदस्य और विधान परिषद (Vidhan Parishad) के सदस्य वोट नहीं दे सकते।
⚖️ मतों का मूल्य (Value of Votes) — अनुच्छेद 55
हर MLA और MP के वोट का “मूल्य” (Value) अलग-अलग होता है। MLA का मूल्य = राज्य की जनसंख्या / (विधानसभा सीटें x 1000)। MP का मूल्य = सभी MLAs के कुल वोट मूल्य / (लोकसभा + राज्यसभा के कुल निर्वाचित सदस्य)। इसका मक़सद यह है कि राज्यों (States) और केंद्र (Union) का बराबर प्रतिनिधित्व (Representation) हो।
🗳️ मतदान पद्धति — एकल हस्तांतरणीय मत (Single Transferable Vote / STV)
मतदाता (Voter) अपनी पसंद (Preference) के क्रम में उम्मीदवारों को 1, 2, 3… नंबर देता है। जीतने के लिए “कोटा” (Quota) पार करना ज़रूरी है। कोटा = (कुल वैध मत / 2) + 1। अगर पहली गिनती में कोई कोटा पार न करे, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को हटाकर उसके वोट दूसरी पसंद (Second Preference) को ट्रांसफ़र किए जाते हैं — जब तक कोई कोटा पार न कर ले। मतदान गुप्त मतपत्र (Secret Ballot) से होता है।
📜 शपथ (Oath of Office) — अनुच्छेद 60
निर्वाचित राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के सामने शपथ लेता है। शपथ में वह संविधान (Constitution) की रक्षा करने, भारत की सेवा करने और अपने कर्तव्यों (Duties) को ईमानदारी (Faithfully) से निभाने का वचन देता है।
🚫 महाभियोग (Impeachment) — अनुच्छेद 61
राष्ट्रपति को “संविधान का उल्लंघन” (Violation of Constitution) के आधार पर हटाया जा सकता है। किसी भी सदन के 1/4 सदस्यों को नोटिस (Notice) देना होगा। 14 दिन बाद उस सदन में 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पास होना चाहिए। फिर दूसरे सदन में जाँच (Investigation) होती है और वहाँ भी 2/3 बहुमत ज़रूरी है। आज तक किसी भी राष्ट्रपति पर महाभियोग नहीं चलाया गया।
⚡ शक्तियाँ और कर्तव्य
राष्ट्रपति की शक्तियाँ और कर्तव्य
Powers & Duties of the President of India
कार्यकारी शक्तियाँ (Executive Powers)
प्रधानमंत्री, मंत्रियों, राज्यपालों (Governors), अटॉर्नी जनरल, CAG, चुनाव आयुक्तों, UPSC अध्यक्ष आदि की नियुक्ति (Appointment) राष्ट्रपति करता है। सभी कार्यकारी कार्य (Executive Actions) राष्ट्रपति के नाम से होते हैं।
विधायी शक्तियाँ (Legislative Powers)
संसद का सत्र बुलाना (Summon), स्थगित करना (Prorogue), लोकसभा भंग (Dissolve) करना। बिलों (Bills) पर अनुमति (Assent) देना। अध्यादेश (Ordinance) जारी करना (अनुच्छेद 123)। राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत (Nominate) करना।
वित्तीय शक्तियाँ (Financial Powers)
धन विधेयक (Money Bill) राष्ट्रपति की पूर्व सहमति (Prior Recommendation) से ही लोकसभा में पेश हो सकता है। वार्षिक बजट (Annual Budget) राष्ट्रपति के नाम से पेश होता है। वित्त आयोग (Finance Commission) की नियुक्ति।
न्यायिक शक्तियाँ (Judicial Powers)
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों (Judges) की नियुक्ति। अनुच्छेद 72 — क्षमादान (Pardon), सज़ा कम करना (Commute), सज़ा टालना (Reprieve)। फाँसी माफ़ करने की शक्ति सिर्फ़ राष्ट्रपति के पास है।
सैन्य शक्तियाँ (Military Powers)
राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) का सर्वोच्च कमांडर (Supreme Commander) है। थल सेना (Army), वायु सेना (Air Force), नौसेना (Navy) के प्रमुखों (Chiefs) की नियुक्ति। युद्ध (War) और शांति (Peace) की घोषणा।
आपातकालीन शक्तियाँ (Emergency Powers)
राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352), राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356), और वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) घोषित करने की शक्ति। ये संविधान की सबसे शक्तिशाली (Powerful) शक्तियाँ हैं।
राजनयिक शक्तियाँ (Diplomatic Powers)
सभी अंतरराष्ट्रीय संधियाँ (International Treaties) और समझौते (Agreements) राष्ट्रपति के नाम से होते हैं। विदेशों में राजदूतों (Ambassadors) की नियुक्ति। विदेशी राजदूतों का स्वागत (Reception)।
वीटो शक्ति (Veto Power)
तीन प्रकार: (1) पूर्ण वीटो (Absolute Veto) — बिल पर अनुमति देने से मना (2) निलंबित वीटो (Suspensive Veto) — बिल को पुनर्विचार (Reconsideration) के लिए वापस भेजना (3) पॉकेट वीटो (Pocket Veto) — बिल पर कोई कार्रवाई न करना (ज़ैल सिंह ने 1986 में इसका इस्तेमाल किया)।
📋 सभी 15 राष्ट्रपति
भारत के सभी 15 राष्ट्रपति — 1950 से अब तक
All 15 Presidents of India — with tenure, achievements, firsts & key facts
1
🏛️
डॉ. राजेंद्र प्रसाद
Dr. Rajendra Prasad
📅 26 जनवरी 1950 – 13 मई 1962 (12 वर्ष)
भारत के प्रथम राष्ट्रपति और संविधान सभा (Constituent Assembly) के अध्यक्ष। दो पूर्ण कार्यकालों (Two Full Terms) तक राष्ट्रपति रहे — सबसे लंबा कार्यकाल (Longest Tenure)। स्वतंत्रता संग्राम (Freedom Movement) के प्रमुख नेता। सादा जीवन (Simple Living) के लिए प्रसिद्ध। 1962 में भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित।
2
📚
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
Dr. Sarvepalli Radhakrishnan
📅 13 मई 1962 – 13 मई 1967
प्रसिद्ध दार्शनिक (Philosopher) और शिक्षाविद (Educationist)। भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति (First Vice-President) भी थे — उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति दोनों पद पर रहने वाले पहले व्यक्ति। उनका जन्मदिन (5 सितंबर) हर साल शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) के रूप में मनाया जाता है।
3
🎓
डॉ. ज़ाकिर हुसैन
Dr. Zakir Husain
📅 13 मई 1967 – 3 मई 1969 (कार्यकाल में निधन)
भारत के प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति (First Muslim President)। शिक्षाविद जिन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) विश्वविद्यालय की सह-स्थापना (Co-founded) की। पद पर रहते हुए निधन (Died in Office) हो गया — पद पर मरने वाले पहले राष्ट्रपति। सबसे कम कार्यकाल (Shortest Tenure)।
A1
वी.वी. गिरि (कार्यवाहक)
V.V. Giri — Acting President
📅 3 मई 1969 – 20 जुलाई 1969
ज़ाकिर हुसैन के निधन के बाद उपराष्ट्रपति होने के नाते कार्यवाहक राष्ट्रपति बने। राष्ट्रपति पद के चुनाव में उतरने के लिए इस्तीफ़ा (Resign) दे दिया।
A2
जस्टिस एम. हिदायतुल्ला (कार्यवाहक)
Justice M. Hidayatullah — Acting President
📅 20 जुलाई 1969 – 24 अगस्त 1969
गिरि के इस्तीफ़े के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) होने के नाते कार्यवाहक राष्ट्रपति बने।
4
✊
वी.वी. गिरि
Varahagiri Venkata Giri
📅 24 अगस्त 1969 – 24 अगस्त 1974
स्वतंत्र उम्मीदवार (Independent Candidate) के रूप में राष्ट्रपति चुने जाने वाले एकमात्र व्यक्ति। कार्यवाहक (Acting) और पूर्ण (Full-term) — दोनों रूपों में राष्ट्रपति रहे। श्रमिक संघ (Trade Union) नेता। कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी को मैदान में उतारा था, लेकिन इंदिरा गांधी के समर्थन से गिरि जीते — “अंतरात्मा के मतदान” (Conscience Vote) का ऐतिहासिक चुनाव।
5
📜
फ़ख़रुद्दीन अली अहमद
Fakhruddin Ali Ahmed
📅 24 अगस्त 1974 – 11 फ़रवरी 1977 (कार्यकाल में निधन)
पद पर रहते हुए निधन होने वाले दूसरे राष्ट्रपति। विवाद: 1975 में आपातकाल (Emergency) की घोषणा पर हस्ताक्षर किए — आलोचकों (Critics) का कहना है कि उन्होंने बिना कैबिनेट (Cabinet) की पूर्ण सहमति के इंदिरा गांधी के कहने पर हस्ताक्षर किए।
A3
बी.डी. जत्ती (कार्यवाहक)
B.D. Jatti — Acting President
📅 11 फ़रवरी 1977 – 25 जुलाई 1977
फ़ख़रुद्दीन अली अहमद के निधन के बाद उपराष्ट्रपति होने के नाते कार्यवाहक राष्ट्रपति बने।
6
🗳️
नीलम संजीव रेड्डी
Neelam Sanjiva Reddy
📅 25 जुलाई 1977 – 25 जुलाई 1982
निर्विरोध (Unopposed) चुने जाने वाले एकमात्र राष्ट्रपति। आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के प्रथम मुख्यमंत्री (First CM)। सबसे कम उम्र (Youngest) के राष्ट्रपति (64 वर्ष)। लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) से सीधे राष्ट्रपति बने। 1969 में कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में गिरि से हारे थे, लेकिन 1977 में जनता पार्टी के समर्थन से जीते।
7
🙏
ज्ञानी ज़ैल सिंह
Giani Zail Singh
📅 25 जुलाई 1982 – 25 जुलाई 1987
भारत के प्रथम सिख (First Sikh) राष्ट्रपति। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री (Home Minister) रहे। कार्यकाल में ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star, 1984) और इंदिरा गांधी की हत्या (Assassination) जैसी घटनाएँ हुईं। 1986 में भारतीय डाकघर (Indian Post Office) बिल पर “पॉकेट वीटो” (Pocket Veto) का इस्तेमाल किया — ऐसा करने वाले एकमात्र राष्ट्रपति। राजीव गांधी सरकार से मतभेदों (Differences) के कारण उन्होंने प्रधानमंत्री को हटाने की धमकी (Threat) भी दी।
8
🎖️
आर. वेंकटरमण
R. Venkataraman
📅 25 जुलाई 1987 – 25 जुलाई 1992
स्वतंत्रता सेनानी (Freedom Fighter), पूर्व रक्षा मंत्री (Defence Minister) और उपराष्ट्रपति। गठबंधन (Coalition) सरकारों के दौर में राष्ट्रपति रहे — राजनीतिक अस्थिरता (Political Instability) के समय संवैधानिक मर्यादा (Constitutional Dignity) बनाए रखी। कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान (International Honours) प्राप्त।
9
⚖️
डॉ. शंकर दयाल शर्मा
Dr. Shankar Dayal Sharma
📅 25 जुलाई 1992 – 25 जुलाई 1997
पूर्व उपराष्ट्रपति, भोपाल रियासत (Bhopal State) के पूर्व मुख्यमंत्री, और मध्य प्रदेश में कई मंत्रालयों (Portfolios) के मंत्री रहे। 1992 में हिंदी में शपथ (Oath in Hindi) लेने वाले राष्ट्रपति। 1996 में त्रिशंकु (Hung) संसद के दौरान संवैधानिक भूमिका निभाई — अटल बिहारी वाजपेयी को सरकार बनाने का न्यौता (Invitation) दिया।
10
✊
के.आर. नारायणन
K.R. Narayanan
📅 25 जुलाई 1997 – 25 जुलाई 2002
भारत के प्रथम दलित (First Dalit) राष्ट्रपति। पूर्व राजनयिक (Diplomat), 3 बार सांसद (MP), उपराष्ट्रपति। 1998 में त्रिशंकु (Hung) संसद में विवेकाधीन शक्ति (Discretionary Power) का प्रयोग — वाजपेयी से बहुमत साबित करने को कहा। आम चुनाव (General Election) में मतदान (Vote) करने वाले पहले कार्यरत (Sitting) राष्ट्रपति।
11
🚀
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
📅 25 जुलाई 2002 – 25 जुलाई 2007
“मिसाइल मैन ऑफ़ इंडिया” (Missile Man of India) और “जनता के राष्ट्रपति” (People’s President)। भारत के प्रथम वैज्ञानिक (First Scientist) राष्ट्रपति। DRDO और ISRO में अहम भूमिका — पोखरण-2 (Pokhran-II) परमाणु परीक्षण (Nuclear Test, 1998) में प्रमुख योगदान। युवाओं (Youth) में सबसे लोकप्रिय (Most Popular) राष्ट्रपति। “ऑफ़िस ऑफ़ प्रॉफ़िट” (Office of Profit) बिल को पुनर्विचार (Reconsideration) के लिए वापस भेजा। “Wings of Fire” जैसी प्रेरणादायक किताबों के लेखक।
12
👩
प्रतिभा पाटिल
Pratibha Patil
📅 25 जुलाई 2007 – 25 जुलाई 2012
भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति (First Woman President)। राजस्थान की पूर्व गवर्नर, महाराष्ट्र से सांसद और विधायक रहीं। पद पर रहते हुए सबसे ज़्यादा क्षमादान (Pardons) दिए — 35 फाँसी की सज़ाएँ माफ़ कीं, जो विवादित (Controversial) रहा। अपने कार्यकाल में सबसे ज़्यादा विदेश यात्राएँ (Foreign Trips) कीं।
13
🏛️
प्रणब मुखर्जी
Pranab Mukherjee
📅 25 जुलाई 2012 – 25 जुलाई 2017
भारत के सबसे अनुभवी (Most Experienced) राजनेता जो राष्ट्रपति बने — वित्त मंत्री (Finance Minister), विदेश मंत्री (External Affairs Minister), रक्षा मंत्री (Defence Minister) रह चुके थे। 50 से ज़्यादा साल का राजनीतिक अनुभव। कार्यकाल में सबसे ज़्यादा फाँसी की सज़ाओं को बरक़रार (Upheld) रखा — अफ़ज़ल गुरु और याक़ूब मेमन की दया याचिकाएँ (Mercy Petitions) ख़ारिज कीं। मरणोपरांत (Posthumously) 2019 में भारत रत्न।
14
⚖️
राम नाथ कोविंद
Ram Nath Kovind
📅 25 जुलाई 2017 – 25 जुलाई 2022
वकील (Lawyer) और बिहार (Bihar) के पूर्व गवर्नर (Governor)। दलित समुदाय (Dalit Community) से दूसरे राष्ट्रपति (के.आर. नारायणन के बाद)। सामाजिक न्याय (Social Justice), पारदर्शिता (Transparency), और समावेशी शासन (Inclusive Governance) पर ज़ोर दिया। पद छोड़ने के बाद “एक देश, एक चुनाव” (One Nation, One Election) समिति के अध्यक्ष बने।
15
🌾
द्रौपदी मुर्मू
Droupadi Murmu
📅 25 जुलाई 2022 – वर्तमान (कार्यरत)
भारत की 15वीं और वर्तमान (Current) राष्ट्रपति। प्रथम आदिवासी (First Tribal) राष्ट्रपति और द्वितीय महिला (Second Woman) राष्ट्रपति। ओडिशा (Odisha) के मयूरभंज (Mayurbhanj) ज़िले की संथाली (Santhali) आदिवासी परिवार से। अपने गाँव से कॉलेज डिग्री (College Degree) पाने वाली पहली महिला। झारखंड (Jharkhand) की पूर्व गवर्नर (2015–2021)। शिक्षिका (Teacher) रह चुकी हैं। आदिवासी शिक्षा (Tribal Education) और कल्याण (Welfare) पर विशेष ध्यान।
🏆 महत्वपूर्ण “पहली बार” और रिकॉर्ड
Important “Firsts” & Records in Presidential History
| रिकॉर्ड / “पहली बार” | राष्ट्रपति |
|---|---|
| प्रथम राष्ट्रपति | डॉ. राजेंद्र प्रसाद (1950) |
| सबसे लंबा कार्यकाल (12 वर्ष, 2 कार्यकाल) | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति | डॉ. ज़ाकिर हुसैन (1967) |
| पद पर निधन होने वाले प्रथम राष्ट्रपति | डॉ. ज़ाकिर हुसैन (1969) |
| एकमात्र निर्दलीय (Independent) राष्ट्रपति | वी.वी. गिरि (1969) |
| एकमात्र निर्विरोध (Unopposed) राष्ट्रपति | नीलम संजीव रेड्डी (1977) |
| सबसे युवा राष्ट्रपति | नीलम संजीव रेड्डी (64 वर्ष) |
| प्रथम सिख राष्ट्रपति | ज्ञानी ज़ैल सिंह (1982) |
| एकमात्र पॉकेट वीटो का इस्तेमाल | ज्ञानी ज़ैल सिंह (1986, Post Office Bill) |
| प्रथम दलित राष्ट्रपति | के.आर. नारायणन (1997) |
| मतदान करने वाले प्रथम कार्यरत राष्ट्रपति | के.आर. नारायणन |
| प्रथम वैज्ञानिक राष्ट्रपति | डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (2002) |
| प्रथम महिला राष्ट्रपति | प्रतिभा पाटिल (2007) |
| प्रथम आदिवासी (Tribal) राष्ट्रपति | द्रौपदी मुर्मू (2022) |
| द्वितीय महिला राष्ट्रपति | द्रौपदी मुर्मू (2022) |
📖 राष्ट्रपति से जुड़े प्रमुख अनुच्छेद
Key Constitutional Articles Related to the President
| अनु. | विषय |
|---|---|
| 52 | भारत का एक राष्ट्रपति होगा (“There shall be a President of India”) |
| 53 | संघ की कार्यकारी शक्ति (Executive Power) राष्ट्रपति में निहित |
| 54 | निर्वाचक मंडल (Electoral College) — राष्ट्रपति का चुनाव कौन करेगा |
| 55 | चुनाव पद्धति — मतों का मूल्य (Value of Votes) कैसे तय होगा |
| 56 | कार्यकाल (Term) — 5 वर्ष |
| 58 | योग्यता (Eligibility) — नागरिकता, उम्र 35+, लोकसभा सदस्य बनने की योग्यता |
| 60 | शपथ (Oath of Office) — CJI के सामने |
| 61 | महाभियोग (Impeachment) — “संविधान के उल्लंघन” पर हटाने की प्रक्रिया |
| 72 | क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) — क्षमा, सज़ा कम, सज़ा टाल |
| 74 | मंत्रिपरिषद “सहायता और सलाह” (Aid & Advice) देगी |
| 123 | अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति |
| 352 | राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) घोषित करने की शक्ति |
| 356 | राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) लगाने की शक्ति |
📌 याद रखें — राष्ट्रपति “नाममात्र” (Nominal) प्रमुख है
भारत में राष्ट्रपति “राष्ट्र का प्रमुख” (Head of State) है, लेकिन “सरकार का प्रमुख” (Head of Government) प्रधानमंत्री (Prime Minister) है। राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की “सहायता और सलाह” (Aid and Advice) से काम करता है (अनुच्छेद 74)। यानी असली शक्ति (Real Power) प्रधानमंत्री के पास है। राष्ट्रपति की भूमिका ब्रिटेन के राजा/रानी (King/Queen) जैसी “संवैधानिक” (Constitutional) और “औपचारिक” (Ceremonial) है — लेकिन आपातकाल (Emergency) और त्रिशंकु संसद (Hung Parliament) जैसी स्थितियों में राष्ट्रपति की विवेकाधीन शक्ति (Discretionary Power) बेहद अहम हो जाती है।
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